Dadi maa ki kahani | दादी मां की कहानियां- Hindi Story.

Dadi Maa Ki Kahaniya

दादी मां की कहानियां Dadi Maa Ki kahani ( Children Story )

अगर आप दादी माँ की ज्ञानवर्धक कहानियां हिन्दी भाषा में पढ़ना चाहते हो तो आपको Hindi-story.net पर जाना होगा और कमेंट बॉक्स में { दादी माँ की कहानियाँ } लिख कर Comment करना होगा। जैसे- ही आप कमेंट करेगे आपके पास दादी मां की 1000 कहानियों की लिस्ट आ जाएगी। जिन्हें आप फ्री में पढ़ा सकते हैं और अपने बच्चों को ज्ञानवर्धक कहानियों के माध्यम से अच्छी शिक्षा दे सकते हैं।

दादी मां की कहानियों का अर्थ क्या हैं? 

जवाब!  

दादी मां की कहानियों का मतलब हैं ऐसी कहानियाँ जो आपके बच्चों को ज्ञान दे, ऐसा ज्ञान जो उन्हें सिर्फ महान ही नहीं बनाता बल्कि उनके बात जीत करना, उनका व्यवहार, सोचने समझने की सोच को ही पूरी तरह से बदल देता हैं।

उन बच्चों की सोचने का तरीका ऐसा हो जाता है जैसे- एक महान सफल व्यक्ति सोचता हैं, मानो उनके अंदर एक ऐसा बदलाव लता हैं, जो उनको प्रेरित करता हैं, कुछ नया करने के लिए, कुछ नया सीखने के लिए, उनको दूसरों से अलग करने के लिए।

अगर आप एक बच्चे के माँ बाप हैं तो आपका फर्ज बनता की आप उनको कुछ ऐसा दे की वे आगे चल कर महान बन सके। वे विश्व में आपका और हमारे देश का नाम रोशन कर सके।

मैंने दादी माँ की कहानियाँ क्यों लिखी?

इन दादी मां की कहानियों को लिखने का मेरा एक ही उदेश्य हैं की हर बच्चे को ऐसी शिक्षा मिले की वह अपने जीवन में कुछ ऐसा करे की उसके माँ बाप के साथ ही उसका देश भी उसपे गर्व करे। और कहे ये मेरे देश का लड़का हैं जैसे- google के सीईओ सुंदर पिचाई हैं जो इंडिया (भारत) के छोटे से राज्य तमिलनाडु से हैं। सुंदर पिचाई ने अपने देश का नाम विश्व भर में रोशन कर दिया हैं। 

दादी मां की कुछ अनमोल कहानियों जो इस प्रकार हैं या जो निम्न लिखित हैं।


राजा और सुंदर रानी: दादी मां की कहानियां (Dadi Maa Ki Kahani)

एक बहुत बड़े जंगल में एक व्यक्ति रहता था उसका नाम राजा था वैसे तो वह व्यक्ति बहुत गरीब था पर लोग उसे राजा ही कहकर पुकारते थे, एक दिन राजा शिकार करने के लिए जंगल में इधर-उधर भटक रहा था, तभी उसकी नजर एक सुंदर चिड़िया पर पड़ी उसने देख की वह चिड़िया अपने बच्चों के लिए घोंसला बना रही हैं।

राजा बहुत दिनों से भूखा था क्योंकि उसके पैर में चोट लगी थी इसलिए वह शिकार नहीं कर पा रहा था इसलिए राजा दिन भर अपनी गुफा के अंदर सोता सोता रहता कुछ दिनों बाद राजा के पैर कि चोट अपने आप पूरी तरह से ठीक हो चुकी थी इसलिए राजा अब खाने के लिए शिकार की तलाश में अपनी गुफा से कई दिनों बाद निकला था।

उसी देश की सबसे सुंदर रानी अपने सहेलियों के साथ जंगल में मोज़ मस्ती करने के लिए निकली थी और अपने अंगरक्षकों से कहा था की जो कोई भी तुमको जंगल में  शिकार करता हुआ मिले उसे मेरे पास ले आओ, जब सुंदर रानी के अंगरक्षक जंगल में शिकारियो  को पकड़ने चले गए थे।

राजा ने उस चिड़िया को घोंसला बनाते हुये देखा तो उसको उस चिड़िया के बच्चों के ऊपर दया आ गई और फिर उसने उस चिड़िया को नहीं मारा और वह आगे शिकार की तलाश में जाने लगा तभी उसकी नजर फिर से उसी चिड़िया पर पड़ी उसके देखा की वह दर्द के मारे रो रही हैं।

राजा में बिना कुछ सोचे उस चिड़िया की मदत करने पेड़ पर चड़ गया और चिड़िया को पकड़ कर उसके पैरों में चुभे कटे को निकाल दिया। 

ये सब चुपके से सुंदर रानी देख रही थी, सुंदर रानी को उस व्यक्ति दयालुता और माशूम यात देख कर प्यार हो गया। रानी ने अपनी सहेलियों से बताया की मुझे वह लड़का पसंद हैं और मैं उसी से शादी करुगी।

इतने में वह लड़का पेड़ से नीचे उतार कर रानी के पास आ गाय, और रानी से बोला आप यह क्या कर रही है, आपको जंगल में अकेले नहीं घूमना चाहिए।

ये कहकर वह लड़का अपने शिकार की और जाने लगा तभी सुंदर रानी की सहेलियों ने बोला ये युवराज तुम्हारा नाम क्या हैं।

लड़के ने उत्तर दिया, मेरा नाम राजा हैं ये सुनकर सभी सहलियाँ हसने लगी और फिर कहा की मेरी सुंदर रानी आपसे  शादी करना चाहती है। ये सुनकर लड़का बहुत खुश हुआ और उसने तुरंत शादी के लिए हा कहा दिया।

अब वह सच में एक राजा बन चुका था।

कहानी का अर्थ:

आप जो भी कार्य कर रहे हैं, उसके पीछे कोई न कोई अच्छा रहस्य जरूर होता हैं, बस देर इस बात कि हैं कि वह रहस्य कब खुल जाए कुछ पता नहीं। इसलिए आपको हमेशा अच्छा काम करना चाहिए न जाने आपकी किस्मत कब बदल जाए।

छोटा बंदर: दादी मां की कहानियां (Dadi Maa Ki Kahani)

एक जंगल में एक बहुत शरर्ती छोटा बंदर रहता था वह कभी भी आपकी माँ की बात नहीं मानता और दिन भर दूसरे जनवारों के साथ शर्र्त किया करता एक दिन उसकी माँ ने उसे बताया की आग से मत खेलना और रात को घर से बाहर मत जाना ये बता कर उसकी माँ सोने चली गई।

छोटा बंदर को अपनी माँ की बाते समझ में नहीं आयी इसलिए रात को उसको चैन नहीं मिला इसलिए वह रात भर सो नहीं पाया।

जब छोटा बंदर सो कर उठा तो अपनी माँ से जिद करने लगा की माँ ये आग क्या होती हैं, मुझे आग को छूना हैं मुझे आग को छूना हैं।

उस बंदर की माँ बहुत परेशान हो गई और गुस्से में उसकी माँ ने कहा की आग मेरे पास नहीं हैं आग गाँव में मिलती हैं। ये कहकर उसकी माँ अपने काम पर चली गई।

अगली रात को जब बंदर की माँ सोने गई तब बड़ी चालकी से शरर्ती बंदर ने चुपके से अपनी माँ का दरवाजा बंद कर दिया और रात को ही आग देखने के लिए पास के गाँव में चला गया।

जब शरर्ती बंदर रात को गाँव पहुंचा तो उसके देखे की सभी गाँव वाले गहरी नींद में सो रहे हैं और सामने आग जल रही हैं। ये सब देख कर बंदर मन में बहुत ख़ुश। तभी बंदर को माँ की बात याद आ जाती हैं की आग मत छूना, ये सोच कर बंदर ने आग को छूआ नहीं और देख कर ही घर लौटने लगा। लेकिन बंदर अपनी आदतों से मजबूर था उसका स्वभाव बहुत ही शरर्ती  था इसलिए उसने फिर से मन बनाया की अब आग को पकड़ कर अपने साथ लेकर जाऊंगा और दूसरे जनवारों  के मौज मस्ती शर्र्त करुगा।

ये सोच कर बंदर वापस गाँव की ओर चल दिया, जब शरर्ती बंदर गाँव पहुंचा तो उसने तुरंत बिना कुछ समझे अपना हाथ आग को पकड़ने के लिए डाला दिया।

जैसे ही बंदर ने अपना हाथ आग में डाला की बंदर का पूरा हाथ जल गया और वह ज़ोर से चिल्ला कर भाग। अब बंदर को समझ में आ चुका था की उसने अपनी माँ की बात न मन कर कितनी बड़ी गलती कर दी हैं।

कहानी का अर्थ: अपनों से बड़ो की बात को मानना चाहिए। और हमे सोच समझा कर ही कोई फैसला लेना चाहिए। नहीं तो हमारा हल बंदर की तरह ही होगा। 

Comming soon... more story...

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