नास्तिक होने की कहानी कहां से शुरू हुई? | Atheist story

मैं नास्तिक क्यों हूँ ? मैं आस्तिक से नास्तिक कैसे बना Atheist Story in Hindi

मेरी नास्तिक होने की कहानी कहां से शुरू हुई यह मैं खुद ही नहीं जानता लेकिन मैं इतना जरुर जानता हूं मेरी कहानी जहां से भी शुरू हुई मैं उसे अपनी जिंदगी का सबसे अहम दिन मानता हूं। 

 Atheist story

मेरी कहानी आप लोगों की तरह ही है मैं भी स्कूल जाता और घर का कामकाज करता हूं लेकिन मैं हमेशा सोचता रहता था कि लोग क्या सोचते हैं उन लोगों के बारे में जिनकी नीच जाति यह बहुत ही गरीब होते हैं।

मैंने अपने गांव में बहुत से लोगों को देखा है कि जब भी वे गुस्सा होते हैं तो वे अपना गुस्सा नीच गरीब जातियों पर निकालते हैं।

Atheist Meaning in Hindi | Nastik Vichar

सच बोलूं तो यार मैं पहले ऐसा था की अगर कोई व्यक्ति हमारे धर्म के बारे में बुराई करता तुम मुझे बहुत गुस्सा आता था और मेरा मन उस व्यक्ति को मार डालना चाहता था।

धीरे-धीरे यार मैंने इस धर्म को समझना शुरू किया तो मुझे लगा कहीं ना कहीं तो कुछ तो गड़बड़ है धर्म में पर मैं इस बात पर किसी से बात नहीं कर सकता था मैं डरता था कि लोग क्या कहेंगे और अभी मैं हाई स्कूल में ही था मुझे सही से याद नहीं है कि मैं स्कूल में था या स्कूल ज्वाइन की हुए कुछ ही दिन हुए थे।

जब मैं स्कूल में था तो मेरे अंदर दूसरे धर्म के प्रति इतनी बुराई घर्ण नफरत भरी हुई थी कि मैं किसी लड़के से बोलता नहीं था क्लास में और ना ही मैं उसका छूआ हुआ खाता था उनसे नफरत थी कि वे दूसरे धर्म की है। अगर मेरा लंच बॉक्स छू लेते तो मुझे इतनी गुस्सा आती थी कि शायद मैं आपको बता नहीं सकता इसमें लिख नहीं सकता इतनी नफरत इतना गुस्सा आता था।

मैं नास्तिक क्यों हूँ Atheist story in Hindi | Nastik Vichar

मैं तो बहुत छोटा था पर मेरे अंदर कितनी नफरत इतनी घर्ण यह सब कहां से आ गया मुझे खुद ही पता नहीं चला और कई बार इसके लिए मैंने लड़ाई, मारपीट भी किया और लड़ाई झगड़ा तो करता ही रहता था इस बात पर कि तुमने मुझे छु कैसे लिया।

धीरे धीरे मेरी उम्र बढ़ती गई और मैं छोटी क्लास से बड़ी क्लास में पहुंच गया लेकिन मेरे दिमाग से यह नफरत घर्ण जाने का नाम ही नहीं ले रही थी। इसके चलते मैंने कई बार अपने ही दोस्तों का खून  बहाया और अब जब मैं यह सब सोचता हूं तो मुझे बहुत बुरा लगता है कि मैं क्या कर रहा था।

Nastik Vichar

जब मैं हाई स्कूल में गया तो मुझे थोड़ा-थोड़ा समझ में आने लगा की लोगों के साथ  अच्छा व्यवहार ही आप को आगे बढ़ा सकता है।

मेरी नास्तिक होने की कहानी कहां से शुरू हुई?

शायद वहीं से मेरा आस्तिक से नास्तिकवाद में शुरुआत हो गई थी लेकिन अभी भी मेरी क्लास में ऐसे गुरु थे जो धर्म वादी थे मतलब अपने धर्म के बच्चों को कम मारते और दूसरी  जाति के बच्चों को बहुत मारते थे।

इसलिए शायद मेरी गुरु से ज्यादा अच्छी नहीं बनती थी और इसके लिए गुरुजी ने मुझे कई बार दंड भी दिया बिना मतलब की पर क्या करता गुरु थे मेरी मार तो खानी ही थी।

Atheist story in Hindi | Nastik Vichar

मुझे शायद अच्छे से याद है कि जब मैं हाई स्कूल का फॉर्म भर रहा था तो मैंने अपने सब्जेक्ट में कंप्यूटर चुना था। तब शायद मुझे कंप्यूटर का ज्ञान भी नहीं था कंप्यूटर क्या होता है इसके बारे में मुझे कुछ नहीं पता था कुछ भी नहीं शायद इसीलिए मेरे गुरु ने मुझे डांटते हुए का नालायक कंप्यूटर लेगा चल कंप्यूटर की स्पेलिंग सुना भाई यह सुनते ही मेरे दिल में चोट लगी जो शायद आज तक पूरी नहीं हुई और ना ही कभी होगी।

उस दिन मैंने जो अपने गुरु से कहा शायद वही मेरी जिंदगी का पहला साहस पूर्ण कार्य था इसके लिए मुझे सजा भी मिली मुझे एक साल के लिए स्कूल से निकाल दिया और मैं कुछ भी नहीं कर पाया। 

मैं आस्तिक से नास्तिक कैसे बन गया मैंने जिंदगी में क्या किया जिससे में सफल व्यक्ति बन गया। मेरी जिंदगी के बारे में दूसरे भाग में पढ़ें


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